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Katha
Development doesnt always bring right things.. PDF Print E-mail
Sunday, 26 September 2010 14:43

Let this be reminder to our people everywhere that we need to be more vigilant about our people back home. Development sometimes skews the local social dynamics, specially in places like ours where population is sparse. This news story should serve as wake up call for all of us. 

There has to be a code of conduct for officials serving in border areas and specially in culturally different social circumstances like ours.

धारचूला पहुंची रोंगकोंग की आग

 
Sep 26, 07:39 pm
 
 

धारचूला: सीमा छोर पर सड़क निर्माण के दौरान उपजे विवाद में घायल हुए रोंगकोंग के एक ही परिवार के तीन सदस्यों को उपचार के लिये हेलीकाप्टर से हल्द्वानी भेजा गया। इससे पूर्व तहसील मुख्यालय में जनप्रतिनिधियों ने तीन घंटे तक सांकेतिक चक्का जाम किया। इस मामले में दोषी सभी ग्रिफ कर्मियों को गिरफ्तार कर धारचूला थाना लाने की मांग ग्रामीणों ने उठायी।

विदित हो कि तीन दिन पूर्व नाबी से कुटी के लिये बन रही सड़क निर्माण के दौरान बारूदी विस्फोट के बाद सीमान्त में बवाल मच गया था। रोगकोंग गांव के कल्याण सिंह सहित उसके परिजनों ने ग्रिफ के कैप्टन चैनप्पा और बीआरटू पर घर में घुसकर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था। इस घटना में कल्याण सिंह, उसकी पत्नी उदिमा देवी पुत्र अजीत सिंह बुरी तरह घायल हो गये थे। इस बात को लेकर तिब्बत सीमा से लगे चार गांवों गुंजी, रोंगकोंग, नपलचू और नाबी के ग्रामीण लामबंद हो गये। ग्रामीणों ने गुंजी थाना घेर दिया और आग लगाने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए एसडीएम अभिषेक त्रिपाठी और सीओ एसएस चिनवान हेलीकाप्टर से गुंजी पहुंचे। जहां शनिवार को ग्रिफ अधिकारियों, ग्रामीणों के साथ वार्ता हुई। वार्ता के बाद ग्रिफ के दोनों अधिकारियों के अलावा 13 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। नामजद अधिकारियों को साथ लेकर एसडीएम धारचूला आ रहे हैं। मार्ग खराब होने से उनके धारचूला पहुंचने में समय लगने की संभावना है।

इस घटना के विरोध में रविवार को धारचूला के जनप्रतिनिधियों ने आर्मी तिराहे पर तीन घंटे चक्का जाम करते हुए प्रदर्शन किया। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि मामले में अज्ञात दर्शाये गये तेरह लोगों के नाम स्पष्ट किये जायें। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर धारचूला लाया जाये। साथ ही इस मामले में घायल पड़े तीनों लोगों को हेलीकाप्टर से उपचार के लिये बाहर भेजने की मांग की गयी। बाद में इस आशय का एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। चक्का जाम करने वालों में पंचायत अध्यक्ष अशोक नबियाल, ब्लाक प्रमुख होशियार खैर, भाजपा नेता धन सिंह धामी, सुरेन्द्र गब्र्याल, मनोज नगन्याल, राजू रौंकली, हरीश गुंज्याल, विजय सिंह कुटियाल, हरीश गुंज्याल, महिमन ह्याकी, बीएस थापा सहित अन्य लोग थे। इस बीच गुंजी से सूचना मिली है कि रविवार की दोपहर को तीनों घायलों को हेलीकाप्टर से हल्द्वानी पहुंचा दिया गया है। तीनों को मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया है।

 
Pithoragrah Rung Hostel land : update PDF Print E-mail
Monday, 20 September 2010 04:19

Rung Kalyan Sanstha (RKS) thanks Chief Minister Mr. Ramesh Pokhariyal Nishank, Government of Uttarakhand for granting the land for announced Rung Hostel in Pithoragarh. Mr. Nishank had announced the plan for helping Rung Kalyan Sanstha for construction of Rung Hostel in Pithoragrh during his address to people at AGM 2010 in Pangu.

RKS is also thankful to its Patron Napalchyal ji and Arvind Hyanki ji for their efforts in expediting the matters for RKS. We are also thankful to RKS Dharchula and RKS Pihtorgarh for their tireless efforts in this matter.

 

 
Yarsa Gambu News : Finally a good news.. PDF Print E-mail
Monday, 20 September 2010 02:25

yarsa gambu from xnepali.com Government of Uttarakhand had issued GO in 2002 which gave rights to local people for extracting and collecting Yarsa Gambu ( Cordyceps Sinensis). Somehow his GO seemed to work only in parts of the state and places like Dharchula it was taken as illegal activity by local police and other officials. This had led to many arrests in recent years.

Now on September 14, 2010 Department of Forest, Government of Uttarakhand has issued a detailed GO which would help local people in extracting, collecting and trading the Yarsa Gambu. As it comes from Forest the instrument used by them is "Van Panchayat". We are attaching the scanned GO here for everyone's benefit and also putting a gist of GO in English.

We have been able to get hold of this GO courtsey Mr. N S Napalchyal ji, who has been one of the people responsible for getting this GO issued in public interest.

 

Last Updated on Monday, 20 September 2010 03:32
 
Kailash Mansarovar Yatra 2010- Blockades by villagers at Pangla PDF Print E-mail
Friday, 17 September 2010 01:26

 If it is not the natural calamities then it would be something else .. this time there has been one avoidable incident at Pangla. Villagers had organized protests and blockades to make their demands heard. It has resulted in a a very unpleasant situation.. here are newspaper reports..

Dainik Jagran :

 

पांगला में सात घंटे बंधक बने रहे कैलास यात्री

 
Sep 16, 06:33 pm
 
 

-कैलास यात्रियों को भुगतना पड़ा शिक्षा विभाग का खमियाजा

-शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर जाम, धक्का-मुक्की में कई लोग चोटिल

कैलास यात्रियों ने पांगला और आईटीबीपी कैंप मांगती में बितायी रात

जागरण कार्यालय, धारचूला(पिथौरागढ़: शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा लिखित आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं होने पर विरोध में पर्वतीय किसान सभा के बैनर तले पांगला में यात्रा को रोक दिया गया। ग्रामीणों ने बुधवार की सांय पांच बजे से मध्य रात्रि तक कैलास यात्रियों को बंधक बनाए रखा। इस दौरान यात्रियों की प्रशासनिक अधिकारियों से झड़प भी हो गयी। अंधेरे का लाभ उठा कर शरारती तत्वों ने उपजिलाधिकारी के साथ भी बदसलूकी की । पुलिस सड़क पर डंडा पीटती रही। प्रदर्शन के दौरान आपसी धक्का-मुक्की में कैलास यात्रियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आयी हैं। प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के इस खेल में लंबी पैदल यात्रा से थके देश के विभिन्न प्रांतों से आये कैलास यात्रियों को सात घंटे तक भूखे-प्यासे रहना पड़ा। बुधवार की रात को यात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर रात्रि विश्राम कर गुरुवार की प्रात: चार बजे पुलिस संरक्षण में आधार शिविर धारचूला पहुंचाया गया। इस प्रकरण को लेकर यात्रियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

वाकया कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में पांगला का है। स्थानीय विद्यालयों में शिक्षकों और क्षेत्र में एएनएम को भेजने के लिये पर्वतीय किसान सभा के नेतृत्व में वापस लौट रहे कैलास-मानसरोवर यात्रा के 15वें दल को रोकने का निर्णय लिया गया था। यात्रा कार्यक्रम के तहत दल को गुरुवार को यहां पहुंचना था। परन्तु दल एक दिन पूर्व बुधवार को ही पहुंच गया। दल के गाला पहुंचने की सूचना मिलते ही पर्वतीय किसान सभा के पदाधिकारी बुधवार सायं पांगला पहुंच गये। पांगला में सैकड़ों की संख्या ग्रामीण और छात्र-छात्राएं भी मौजूद थे। इसकी भनक लगते ही एसडीएम नवनीत पांडेय, तहसीलदार बीएस गुंज्याल, कोतवाली प्रभारी पीसी मेलकानी धारचूला, जौलजीवी, बलुवाकोट और अस्कोट पुलिस के साथ पांगला पहुंच गये।

गाला से 27 कैलास-मानसरोवर यात्री धारचूला को रवाना हुए। जैसे ही यात्री पांगला पहुंचे तो लोगों ने उनका मार्ग रोक दिया और उन्हें बंधक बना लिया। अचानक मार्ग रोके जाने से कैलास यात्री हक्के-बक्के रह गये। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मार्ग रोकने का कारण पूछा। प्रदर्शनकारियों द्वारा क्षेत्र में शिक्षकों की तैनाती के लिये एक माह पूर्व दिये गये आश्वासन के अभी तक पूरा नहीं होने की बातें बतायी गयीं। यह जानकारी मिलते ही कैलास यात्री उपजिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर भड़क उठे। यात्रियों का कहना था कि प्रशासन की गलती से उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। इस बात को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और कैलास यात्रियों में वार्ता हो रही थी कि अंधेरे का लाभ उठा कर कुछ शरारती तत्वों ने भगदड़ मचा दी। रात्रि करीब दस बजे के आसपास अंधेरे में धक्का-मुक्की होने लगी और लोग गिर पड़े। अंधेरे का लाभ उठा कर कुछ लोगों ने एसडीएम के साथ भी अभद्रता की। भगदड़ में एसडीएम, कैलास यात्रियों सहित कई लोगों को हल्की चोटें आयीं। अंधेरे में प्रदर्शनकारियों की इन हरकतों को देखते हुए पुलिस ने सड़क पर लाठियां भांची। परन्तु मध्य रात्रि तक चले नाटक में सबसे अधिक फजीहत कैलास यात्रियों की हुई।

मध्य रात्रि तक चले इस घटनाक्रम के बाद 27 कैलास-मानसरोवर यात्रियों ने पांगला में तथा 12 यात्रियों ने मांगती में आईटीबीपी कैंप में रात बितायी। गुरुवार की प्रात: चार बजे यात्रियों को पुलिस के संरक्षण में आधार शिविर धारचूला लाया गया।

उधर, प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि राउमावि पांगला में पांगू से दो शिक्षकों को संबद्ध किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर 22 सितम्बर को अंतिम कैलास-मानसरोवर यात्रियों को रोका जायेगा। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया है। अलबत्ता प्रशासन ने इसे गंभीर बताया है। इस प्रकरण की कई संगठनों ने निन्दा की है। कैलास यात्रियों द्वारा इस संबंध में एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया है

 

Amar Ujala :

स्कूलों में शिक्षकों का न होना दुर्भाग्यपूर्ण
 
 
Story Update : Friday, September 17, 2010    12:01 AM
 

धारचूला॒(पिथौरागढ़)।॒पर्वतीय किसान सभा की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन का कैलास मानसरोवर यात्रियों के १५वें॒दल के सदस्यों ने भी समर्थन किया है। यात्रियों ने कहा कि इतने दूरदराज के स्कूलों में शिक्षकों का न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसान सभा ने शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर १५वें कैलास यात्री दल को वापसी में पांगला॒में रोकने का निर्णय लिया था। किसान सभा के सदस्य बुधवार की रात ही पांगला॒पहुंच गए॒थे।
बृहस्पतिवार की सुबह कैलास यात्रियों के दल के सदस्यों को पर्वतीय किसान सभा के जिला संयोजक जगत मर्तोलिया॒ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी की जानकारी दी और उनके संगठन की ओर से अब तक चलाए गए॒आंदोलन के बारे में बताया। किसान सभा ने यात्रियों को पांगला॒में रोककर उनसे काफी बहस की और इस समस्या को भारत सरकार के सामने रखने की अपील भी की।
किसान सभा के फैसले को देखते हुए॒उपजिलाधिकारी नवनीत पांडे, यात्राधिकारी बचीराम॒आर्य, थाना प्रभारी समेत तमाम लोग पांगला॒पहुंच गए॒थे। १५वें॒कैलास मानसरोवर यात्री दल के लाइजन॒आफीसर सुभाष चंद्रा ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों का न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से इस समस्या की जानकारी भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय के सामने रखेंगे। १५वां॒कैलास यात्री दल आज धारचूला॒में रुकेगा। कल सुबह दल के सदस्य जागेश्वर को रवाना होंगे

 
Yarsa Gambu News : Jauljibi SHO & constable Suspended PDF Print E-mail
Wednesday, 15 September 2010 23:46

 In relation to news of yesterday, after the agitation by people there has been action from the Police department. Jauljibi SHO & constable have been suspended.

Amar Ujala

 

जौलजीबी थाना प्रभारी और सिपाही निलंबित
धारचूला (पिथौरागढ़)। जौलजीबी में दो युवकों से पकड़ी गई यारसा गंबू को कर्म दर्शाने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को जौलजीबी के थाना प्रभारी और एक सिपाही को निलंबित कर दिया है। इसी मामले में एसओजी के तीनों आरोपी सिपाहियों को दोषमुक्त करार दिया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी एसएस चिनवान ने बताया कि अब तक हुई जांच में जौलजीबी के थाना प्रभारी रवींद्र कौशल और सिपाही इशरार अहमद की गलती सामने आई है। इन दोनों को पुलिस अधीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने बुधवार को निलंबित कर दिया है। एसओजी के सिपाही मनोहर फर्त्याल, मनोज देव और असलम के खिलाफ सबूत नहीं मिलने के कारण उन्हें दोषमुक्त किया गया है, लेकिन जांच जारी रहेगी

 

Dainik Jagran

जौलजीवी थानाध्यक्ष व एसओजी प्रभारी निलंबित
धारचूला, जाका: बीते दिनों पकड़ी गयी यारसा गंबू और नकदी कम दर्शाने पर पुलिस अधीक्षक ने जौलजीवी थानाध्यक्ष और एसओजी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। इनके अलावा तीन जवानों को लाइन हाजिर किया गया है। थानाध्यक्ष और सिपाहियों पर कार्रवाई अमल में लाये जाने के मद्देनजर गुरुवार को प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। विदित हो कि गत 21 अगस्त को जौलजीवी पुलिस और एसओजी की टीम ने दो लोगों के पास से सवा तेरह किलो यारसा गंबू बरामद की थी। आरोप था कि इसमें से मात्र साढ़े आठ किलो यारसा गंबू ही दर्शायी गयी। इसके अलावा इन दोनों के पास मिले एक लाख साठ हजार रुपये और चार मोबाइल फोन बिना लिखित कार्रवाई के ही पुलिस कर्मियों ने अपने पास रख लिये। जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने एक लाख चालीस हजार रुपये और दो मोबाइल फोन लौटा दिये थे। शेष राशि और मोबाइल फोन नहीं लौटाने और यारसा गंबू की बरामदगी कम दर्शाने के विरोध में तीन दिन पूर्व भाजपाइयों ने जौलजीवी थाने का घेराव किया था। तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर लोगों ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय पुल बंद करने की चेतावनी दी थी। इधर पुलिस अधीक्षक निलेश आनंद भरणे ने तत्काल प्रभाव से जौलजीवी थानाध्यक्ष रवींद्र कौशल और एसओजी प्रभारी इसरार अली को निलंबित कर दिया है। साथ ही इस मामले में संदिग्ध तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है

 

 
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